Posts

Showing posts from October, 2012

असली फूल, नकली फूल

असली फूल, नकली फूल अब करते हैं लोग शिकायत असली फूलों में वैसी सुगंध नहीं आती नकली फूलों में ही इसलिये असली खुशबू छिड़की जाती दौलत के कर रहा है खड़े, नकली पहाड़ आदमी पहाड़ों को रौदता हुआ नैतिकता के पाताल की तरफ जा रहा आदमी सुगंध बिखेर कर खुश कर सके उसे यह सोचते हुए भी फूल को शर्म आती …………………………. नकली रौशनी में मदांध आदमी नकली फूलों में सुगंध भरता आदमी अब असली फूलों की परवाह नहीं करता पर फिर भी उसके मरने पर अर्थी में हर कोई असली फूल भरता भला कौन मरने पर उसकी सुगंध का आनंद उठाना है यही सोचकर असली फूलों की आत्मा सुंगध से खिलवाड़ करता ………………………… धूप में खड़े असली फूल ने कमरे में सजे असली फूल की तरफ देखकर कहा ‘काश मैं भी नकली फूल होता दुर्गंधों ने ली मेरी खुशबू इसलिये कोई कद्र नहीं मेरी मै भी उसकी तरह आत्मा रहित होता’ फिर उसने डाली नीचे अपने साथ लगे कांटो पर नजर और मन ही मन कहा ‘जिन इंसानों ने कर दिया है मुझे इतना बेबस फिर भी मेरे साथ है यह दोस्त क्या मै इनसे दूर नहीं होता ……………………………

केजरीवाल ब्लैकमेलर और थर्ड ग्रेड आदमी-सलमान

कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अरविंद केजरीवाल के आंदोलन पर तीखा हमला बोला हुये कहा है कि वे इस तरह के ब्लैकमेलर और भड़काऊ लोगों के आगे घुटने नहीं टेकेंगे. उन्होंने कहा कि कुछ थर्ड ग्रेड के लोग उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं और ये लोग एक-एक कर काग्रेस के नेताओं को बर्बाद करना चाहते हैं. अपने ट्रस्ट में लाखों के घपले का आरोप झेल रहे सलमान खुर्शीद ने कहा कि हम इसके खिलाफ हर मुमकीन लड़ाई लड़ेंगे. गौरतलब है कि न्यूज चैनल आज तक ने स्टिंग ऑपरेशन के बाद आरोप लगाया था कि सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी के ट्रस्ट ने जाली दस्तखत करके 71 लाख रुपये कमाये थे. इसके अलावा एक अन्य अखबार ने दावा किया है कि जाली हस्ताक्षर के द्वारा 68 लाख रुपये की रकम और कमाई गई थी. इन आरोपों के बाद अरविंद केजरीवाल और उनके साथी सलमान खुर्शीद को उनके पद से हटाने की मांग पर आंदोलन कर रहे हैं. शुक्रवार को शुरु हुये उनके आंदोलन के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था और अस्थाई जेल भी भेजा गया था लेकिन अपनी रिहाई के बाद केजरीवाल फिर आंदोलन कर रहे हैं. अब अपने खिलाफ लगे आरोपों से बौखलाए सलमान खुर्शीद ने कहा ...

शिक्षा क्यों और कैसी?

शिक्षा क्या है’ में जीवन से संबंधित युवा मन के पूछे-अनपूछे प्रश्न हैं और जे.कृष्णमूर्ति की दूरदर्शी दृष्टि इन प्रश्नों को मानो भीतर से आलोकित कर देती है पूरा समाधान कर देती है। ये प्रश्न शिक्षा के बारे में हैं, मन के बारे में हैं, जीवन के बारे में हैं, विविध हैं, किन्तु सब एक दूसरे से जुड़े हैं। "गंगा बस उतनी नहीं है, जो ऊपर-ऊपर हमें नज़र आती है। गंगा तो पूरी की पूरी नदी है, शुरू से आखिर तक, जहां से उद्गम होता है, उस जगह से वहां तक, जहां यह सागर से एक हो जाती है। सिर्फ सतह पर जो पानी दीख रहा है, वही गंगा है, यह सोचना तो नासमझी होगी। ठीक इसी तरह से हमारे होने में भी कई चीजें शामिल हैं, और हमारी ईजादें सूझें हमारे अंदाजे विश्वास, पूजा-पाठ, मंत्र-ये सब के सब तो सतह पर ही हैं। इनकी हमें जाँच-परख करनी होगी, और तब इनसे मुक्त हो जाना होगा-इन सबसे, सिर्फ उन एक या दो विचारों, एक या दो विधि-विधानों से ही नहीं, जिन्हें हम पसंद नहीं करते।" क्या आप स्वयं से यह नहीं पूछते कि आप क्यों पढ़-लिख रहे हैं ? क्या आप जानते है कि आपको शिक्षा क्यों दी जा रही है और इस तरह की शिक्षा का क...

आज तक के पत्रकार को सलमान की धमकी

आजतक के पत्रकार दीपक शर्मा को सलमान खुर्शीद ने दी धमकी तुम अपना मुंह बंद रखो , तुम्हे कोर्ट में देख लूंगा | दीपक शर्मा ने बहादुरी से कहा आप देश के कानून मंत्री हैं , मैं इस देश का नागरिक और पत्रकार हूँ , आपको मेरे सवालों का जवाब देना होगा | आप असली सवालों से दूर भाग रहे हैं | 
अंगूठाछाप लोगो को सिर्फ राजनीति तक ही सीमित रखना चाहिये.शिक्षा की सलाहकार समितियों से इन लोगो का पत्ता साफ कर देना चाहिये.

शिक्षा की आवश्यकता

बच्चे और युवक किसी देश के भविष्य की तस्वीर होते हैं। हमारे समाज का एक महत्वपूर्ण, सशक्त और संसाधनों से भरा हुआ वर्ग युवकों का है जिनमें आसमान की बुलंदियों का छू लेने की आकांक्षा धधक रही है। यदि उनकी ऊर्जा को सही दिशा दी जाए तो उससे ऐसी गतिशीलता पैदा होगी जो राष्ट्र को विकास के तेज वाहन में दौड़ा देगी। युवकों को अपनी योजना और विकास प्रक्रिया का केंद्र बिंदु मानते हुए हमें इस बहुमूल्य मानव संसाधन की देखरेख करने की आवश्यकता है। facebook