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आज की शिक्षा प्रणाली !

Hi!  ‘शिक्षा’ शब्द का अर्थ है अध्ययन तथा ज्ञान ग्रहण। वर्तमान युग में शिक्षण के लिए ज्ञान, विद्या, एजूकेशन आदि अनेक पर्यायवाची शब्दों का प्रयोग होता है। शिक्षा चेतन या अचेतन रूप से मनुष्य की रूचियों समताओं, योग्यताओं और सामाजिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए, आवश्यकता के अनुसार स्वतंत्रता देकर उसका सर्वागींण विकास करती है तथा उसके आचरण को इस प्रकार परिवर्तित करती है, जिससे शिक्षार्थी और उसके समाज दोनों की प्रगति होती है। ज्ञान से मस्तिष्क में विचारों का जन्म होता है। उसके जन्मजात गुणों का विकास होता है। भारत की वर्तमान शिक्षा प्रणाली बिट्रिश शिक्षा प्रणाली पर आधारित है। आज की शिक्षा प्रणाली ज्ञान मंदिर के स्थान पर अज्ञानता से उत्पन्न कलुष का केन्द्र बनकर रह गई है। यह मनुष्य को बिना सींग और पूँछ का पशु बनाने का काम कर रही है। आज की शिक्षा राजनीतिक पहुँच का मानदंड हो गई है। ऐसे में शिक्षा का स्तर क्या हो सकता है। भ्रष्टाचार का बोलबाला इतना अधिक है कि शिक्षा एक व्यवसाय बन कर रह गई है। शिक्षा पर खर्च होने वाला व्यय कुछ अधिकारियों में और कुछ नौकरशाहियों में बँट जाता है। बची राशि आसमान छ...