स्वामी विवेकानंद की ये 10 बातें जरूर याद रखें
1.उठो जागो, रुको नहीं... उठो, जागो और तब तक रुको नहीं जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाये। 2.तूफान मचा दो तमाम संसा हिल उठता। क्या करूँ धीरे-धीरे अग्रसर होना पड़ रहा है। तूफ़ान मचा दो तूफ़ान! 3. अनुभव ही शिक्षक जब तक जीना, तब तक सीखना' -- अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है। 4. पवित्रता और दृढ़ता पवित्रता, दृढ़ता तथा उद्यम- ये तीनों गुण मैं एक साथ चाहता हूँ। 5- ज्ञान और अविष्कार ज्ञान स्वयं में वर्तमान है, मनुष्य केवल उसका आविष्कार करता है। 6- मस्तिष्क पर अधिकार जब कोई विचार अनन्य रूप से मस्तिष्क पर अधिकार कर लेता है तब वह वास्तविक भौतिक या मानसिक अवस्था में परिवर्तित हो जाता है। 7- आध्यात्मिक दृष्टि आध्यात्मिक दृष्टि से विकसित हो चुकने पर धर्मसंघ में बना रहना अवांछनीय है। उससे बाहर निकलकर स्वाधीनता की मुक्त वायु में जीवन व्यतीत करो। 8- नैतिक प्रकृति हमारी नैतिक प्रकृति जितनी उन्नत होती है, उतना ही उच्च हमारा प्रत्यक्ष अनुभव होता है, और उतनी ही हमारी इच्छा शक्ति अधिक बलवती होती है। 9- स्तुति करें या निंदा लोग तुम्हारी स्तुति करें या निन्दा, लक्ष्मी तुम्हारे ऊ...